About Pushpita Awasthi
प्रो. डॉ. पुष्पिता अवस्थी - आचार्यकुल राष्ट्रीय अध्यक्ष
विश्व नागरिक नीदरलैण्ड निवासी प्रो. डॉ. पुष्पिता अवस्थी का जन्म भारत के उत्तर प्रदेश के कानपुर देहात में हुआ। किशोरवय से ही काशी स्थित गांधी, विनोबा के वैचारिक केन्द्र सर्वोदय से जुड़ाव रहा। सर्वोदय से दादा धर्माधिकारी के साहित्य से विचारों का संपादित संकलन प्रकाशित।
1985 से 2000 तक विश्व चिंतक जे. कृष्णामूर्ति फाउण्डेशन के वसन्त कॉलेज फॉर वुमेन में हिन्दी की विभागाध्यक्ष रही। 2001 में सूरीनाम के भारतीय राजदूतावास के केन्द्र में हिन्दी की प्रोफेसर एवं प्रथम सचिव के रूप में कार्यरत रहते हुये 2003 में सातवे विश्व हिन्दी सम्मेलन के संयोजन मे सक्रिय रही। विश्व के भारतवंशियों, अमर इंडियन और प्रवासी भारतीय साहित्य की विशेषज्ञा है।
पुणे के एम.आई.टी.विश्वविद्यालय के सर्वोच्च विश्व शांति गुम्बद और मंदिर के अध्यक्ष प्रो. विश्वनाथ कराड द्वारा घोषित ग्लोबल ‘अम्बेसडर। संत विनोबा जी द्वारा स्थापित आचार्यकुल की अखिल भारतीय अध्यक्ष, विदेश मंत्रालय के भारतीय सांस्कृतिक सम्बध परिषद की वरिष्ठ फेलोशिप धारक, नीदरलैंड्स हिन्दी यूनिवर्स फाउंडेशन की निदेशक, नीदरलैंड्स डायरी, सूरीनाम का सृजनात्मक साहित्य, भारतवंशी भाषा एवं संस्कृति, कन्त्रकी बागान, सम्वेदना की आर्द्रता सहित कुल 52 पुस्तकों की लेखिका, कवि प्रो. डॉ. पुष्पिता अवस्थी को विदेश के कितने पुरस्कारों के साथ भारत के राष्ट्रपति से सम्मान प्राप्त है।
विदेश की अनेको भाषाओ में साहित्य अनूदित तथा काव्यपाठ। ऑनलाइन अम्स्टगंगा पत्रिका की संपादक-संरक्षक, अखिल भारतीय राष्ट्रीय अध्यक्ष, नीदरलैंड्स के टी.वी.चैनल में पृथ्वी, सहित अन्य कविताओं पर फिल्में प्रसारित, एम्स्टर्डम से डच और हिन्दी भाषा में कविताओं की सीडी जारी।
